उत्तर प्रदेश की चर्चित 72,825 सहायक शिक्षक भर्ती (2011) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही अवमानना याचिका (Contempt Petition Civil Diary No. 837 of 2023) के मामले में एक निर्णायक मोड़ आया है। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 10 फरवरी 2026 को दिए गए मौखिक निर्देशों के बाद अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया गया है。
⏳ 14 फरवरी है आखिरी मौका, चूके तो हाथ से जाएगा अवसर
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन अभ्यर्थियों के लिए पोर्टल खोला गया है:
जिन्होंने 16 दिसंबर 2025 तक अपना प्रोफॉर्मा नोडल अधिकारियों के पास जमा नहीं किया था。
या जिनके विवरण 30 जनवरी 2025 को अपलोड की गई 14,851 अभ्यर्थियों की सूची में गलत पाए गए हैं。
ऐसे सभी अभ्यर्थी 14 फरवरी 2026 की रात 11:59 बजे तक गूगल फॉर्म के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं。
आधिकारिक लिंक:
SCBA नोटिस:यहाँ क्लिक करें
गूगल फॉर्म लिंक: फॉर्म भरने के लिए यहाँ जाएँ
⚖️ सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष: "रिक्त पद केवल आरक्षित श्रेणी के"
कल हुई सुनवाई में यूपी सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि:
कुल 72,825 पदों के सापेक्ष 66,655 नियुक्तियां की जा चुकी हैं。
वर्तमान में केवल 4,465 पद रिक्त हैं, जिनमें से 3,358 SC और 1,107 ST वर्ग के लिए आरक्षित हैं
सरकार ने तर्क दिया कि 2017 के बाद से विभाग में 1.26 लाख से अधिक शिक्षकों की रिकॉर्ड भर्तियां की गई हैं और अब इस पुरानी याचिका को निरस्त किया जाना चाहिए。
📝 अभ्यर्थियों के लिए विशेष सलाह
प्राधिकरण ने साफ किया है कि अभ्यर्थी अंतिम समय का इंतजार न करें और अपना फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें。 चूंकि यह भर्ती प्रक्रिया 30.11.2011 के विज्ञापन से संबंधित है, इसलिए यह उन लोगों के लिए अंतिम अवसर हो सकता है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं。
डिस्क्लेमर: यह जानकारी आधिकारिक नोटिस और विश्वसनीय सोशल मीडिया अपडेट्स पर आधारित है। हालांकि लेख में दिए गए लिंक सक्रिय हैं, फिर भी अभ्यर्थी स्वयं आधिकारिक पोर्टल पर इसकी पुष्टि अवश्य कर लें। किसी भी तकनीकी त्रुटि के लिए यह ब्लॉग जिम्मेदार नहीं होगा।
